Wednesday, July 29, 2026
Are we proud?
दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर सीधे पैलेट गन चला दी. बिहार में पुलिस ने छात्रों पर सीधे AK-47 से फायर कर दिए.... ये देख एक पूर्व IPS अधिकारी ने पुलिस को और अपनी नौकरी को लेकर जो कहा, वो सोचने को मजबूर करता है.
एसआर दारापुरी साहब आईपीएस अधिकारी रहे हैं. वह कुछ साल पहले रिटायर.... हुए. पुलिस की कार्रवाई देख उन्होंने अपना दर्द ज़ाहिर किया. लिखा-
मुझे अफ़सोस है कि मैं 32 साल तक एक IPS अधिकारी के तौर पर ऐसी पुलिस का हिस्सा रहा हूँ.
जंतर मंतर पर दिल्ली पुलिस का जो क्रूर और अमानवीय चेहरा सामने आया, वो सिर्फ दिल्ली नहीं... पूरे देश की पुलिस का चेहरा है. पूरे देश की पुलिस ऐसी है.
वह लिखते हैं- मैं इसका जिम्मेदार सिर्फ नेताओं को नहीं बल्कि खुद पुलिस का माई बाप कहने वाले आईपीएस अधिकारीयों को ही मानता हूँ.
आईपीएस अधिकारी अपने स्वार्थों के लिए अपनी संवैधानिक शपथ भूल जाते हैं और ऐसी क्रूर पुलिस पैदा करते हैं.
मुझे अफ़सोस है कि ऐसी पुलिस का मैं हिस्सा रहा. हाँ लेकिन संतोष भी कि मैं जहाँ भी रहा मैंने पुलिस को मानवीय और कानून का पालन करने वाली फ़ोर्स बनाने का प्रयास किया. मुझे कुछ सफलता भी मिली.
लेकिन अब ऐसा नहीं होता है.
...
सोचिये पुलिस की हालत इस स्थिति में पहुँच गई है कि पूर्व आईपीएस अधिकारी अपने को पुलिस विभाग का हिस्सा मानने को ही दुखद मानने लगे हैं.
Kumbha Fort, Chittorgarh!
कुंभा किला (कुंभलगढ़ नहीं): वह दुर्ग जहाँ इतिहास की कई परतें आज भी छिपी हैं
"एक ऐसा किला..."
"जिसकी दीवारें सदियों के संघर्ष और राजपूती शौर्य की गवाह हैं।"
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ ज़िले में स्थित कुंभा किला (जिसे राणा कुंभा महल परिसर के नाम से भी जाना जाता है) मेवाड़ के सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों में से एक है।
इसका विस्तार और पुनर्निर्माण 15वीं शताब्दी में महाराणा कुंभा ने कराया था, जिन्हें मेवाड़ के महानतम शासकों में गिना जाता है।
यही वह स्थान माना जाता है जहाँ महाराणा उदयसिंह द्वितीय का बचपन बीता और जहाँ पन्ना धाय ने अपने पुत्र का बलिदान देकर उदयसिंह की जान बचाई—जो मेवाड़ के इतिहास की सबसे मार्मिक घटनाओं में से एक है।
महल में विशाल आँगन, राजसी कक्ष, भूमिगत हिस्से और प्राचीन स्थापत्य कला आज भी उस गौरवशाली युग की याद दिलाते हैं।
यह परिसर केवल एक महल नहीं, बल्कि मेवाड़ के साहस, त्याग और दूरदर्शिता का जीवंत प्रतीक माना जाता है।
Is it a Painting?
"No, it's not a painting and it wasn't photoshopped either. These are polar stratospheric clouds over Iceland.”
Polar stratospheric ice clouds (naked clouds) form at temperatures below the ice sublimation point, usually around −85 °C, a temperature lower than the average temperature of the lower stratosphere.
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