Wednesday, July 8, 2026
Who needs to buy ASHIRVAD?
मैंने आज तक कभी किसी मंदिर के दानपात्र में पैसे नहीं डाले है ,क्यूँकि ब्राह्मण कुल में जन्म लेने कि वजह से यह मालूम है कि भगवान को किसी का धन नहीं चाहिए , हम इंसानों की हैसियत ही क्या है कि हम भगवान को कुछ दे सकें!!
कबीर दास जी ने एक भजन लिखा था
“दाता एक राम
भिखारी सारी दुनिया “
ईश्वर सिर्फ़ अपने भक्तों में सच्ची श्रद्धा और भक्ति भाव देखना चाहता है, यदि वो है तब वो अपने भक्त की सभी मनोकामना पूर्ण करते है।
भगवान को सिर्फ़ पानी और कुछ पुष्प ही अर्पित कर दिए जाये तो वो इतने में ही प्रसन्न हो जाते है। और सच्चे मन से कि गई प्रार्थना को वो जरूर सुनते है स्वीकार भी करते है।
अब आते है वो कौन लोग है मूर्ख किस्म के जो मंदिर में जा कर दान पेटी में पैसे डाल देते है ??
इन्ही मूर्खों के दम पर ठगों का राज चलता आया है और आगे भी चलता रहेगा।
भगवान को मंदिर भी नहीं चाहिए
न छोटा मंदिर न बड़ा मंदिर और न ही भव्य या आलीशान मंदिर
भगवान को मंदिर के दरवाजों और गुंबद शीर्ष कलश पर न चाँदी चाहिए न सोना
न ही उनको अपने आगे छप्पन तरह के भोग व्यंजन प्रसाद में चाहिए
भगवान सर्वत्र विराजमान हैं
वो कण कण में निवास करने वाले हैं।
आप अपने घर में एक छोटी सी पूजा की अलमारी में भी उन्हें रख सकते है या अधिक जगह है तो एक कमरा पूजा का अलग से बना सकते है।
note—
मैं सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध आग्रह करूँगा कि जब भी आगे किसी मंदिर में जाओ चाहे वो अयोध्या वाला राममंदिर हो या और कहीं का भी दान पात्र में पैसे मत डालो
ये पैसा वहाँ दे कर न तो आपके पाप कम होंगे और न ही पुण्य बढ़ जाएँगे
इस पैसों कि वजह से कुछ ठगों का काम चल जाता है , उन ठगों का यदि धंधा बंद करना है तो मंदिर में पैसा चढ़ाना बंद कर दीजिए।
भगवान को आपके पैसे नहीं चाहिए होते है।
अगले छ महीने तक यदि अयोध्या वाले राम मंदिर में रोजाना दान पात्र में से एक रुपया भी नहीं निकला तो ये सब पाखंडी ख़ुद ही ट्रस्ट छोड़ कर भाग जाएँगे।
इन पाखंडियों को बढ़ावा न दे और दान पात्र से दूर रहे
मंदिर जायें सिर्फ़ दर्शन के लिए और भगवान से प्रार्थना करने के लिए।
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