Sunday, October 11, 2026

Personal Train of Nawab Sahib!

आज के दौर में लग्जरी कार और प्राइवेट जेट स्टेटस का प्रतीक हैं, लेकिन कभी भारत में एक ऐसे नवाब थे, जिनकी शानो-शौकत इन सब से कहीं आगे थी। Hamid Ali Khan ने अपने लिए न सिर्फ एक खास ट्रेन बनवाई, बल्कि महल के अंदर तक रेलवे ट्रैक और निजी स्टेशन भी तैयार कराया था। 1925 में बनी उनकी शाही ट्रेन ‘सैलून’ किसी चलता-फिरता महल से कम नहीं थी। इसमें फारसी कालीन, सागवान की लकड़ी का फर्नीचर, झूमर, बेडरूम, डाइनिंग हॉल और किचन जैसी सभी सुविधाएं मौजूद थीं। खास बात यह थी कि ट्रेन से उतरते ही नवाब सीधे अपने महल के आंगन में पहुंच जाते थे। मुख्य बातें: महल के अंदर बना निजी रेलवे स्टेशन मिलक से रामपुर तक लगभग 40 किमी ट्रैक ट्रेन में आलीशान सुविधाएं और अलग स्टाफ व्यवस्था आज के हिसाब से स्टेशन की कीमत करीब ₹113 करोड़ बंटवारे के समय शरणार्थियों की मदद में किया इस्तेमाल यह कहानी सिर्फ रईसी की नहीं, बल्कि इंसानियत की भी है। 1947 के विभाजन के दौरान नवाब ने अपनी इसी ट्रेन से कई लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। आज भले ही वह स्टेशन और ट्रेन इतिहास बन चुके हों, लेकिन यह किस्सा भारत की उस शाही विरासत की याद दिलाता है, जहां ठाठ के साथ दिल भी बड़ा होता था।

No comments:

Post a Comment