Monday, October 12, 2026

Caring For Senior citizens!

मेरे एक मित्र के घर के फर्श पर बढ़िया क्वालिटी का मार्बल लगा हुआ है ,एक दिन फर्श पर पोंछा लगा कर थोड़ा ही देर हुआ था उनके पिताजी बाथरूम जाने के लिए उठे और चप्पल फिसल गई ज़मीन पर गए कूल्हे की हड्डी टूट गई उनका major operation हुआ, ठीक हो गए लेकिन बहुत तकलीफ़ उठाना पड़ा और इस दौरान मरीज और पूरा परिवार परेशान था यह हादसा अलग-अलग नामों और लोगों के साथ हर घर में होने के संभावना रहती है लेकिन अच्छी बात यह है कि ज़्यादातर falls रोके जा सकते हैं। और इसके लिए बड़े खर्च की नहीं, बस थोड़ी जागरूकता की ज़रूरत है। आइए आज इस विषय पर चर्चा करते हैं -बुज़ुर्गों में fracture इतने आम क्यों हैं? बुजुर्गों में Hip fracture बहुत common है और इसमें लगभग सबको ऑपरेशन लगता है और अलग अलग भी अंगों में फ्रैक्चर हो सकता है लेकिन हम आज Hip Fracture पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे क्योंकि इस फ्रैक्चर के होने के बाद आदमी का चलना फिरना बंद हो जाता है उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं: - हड्डियाँ कमज़ोर हो जाती हैं। इसे Osteoporosis कहते हैं। इसमें हड्डी अंदर से खोखली होने लगती है, जैसे घुन लगी लकड़ी। महिलाओं में menopause के बाद यह ज़्यादा होता है। - ⁠- Balance बिगड़ जाता है और मांसपेशियाँ कमज़ोर हो जाती हैं। - ⁠- नज़र कमज़ोर हो जाती है, इसलिए सीढ़ी या गड्ढा ठीक से दिखता नहीं। - ⁠- कुछ दवाइयों (BP, नींद, sugar की दवा) से चक्कर आ सकते हैं। - ⁠- रात में बार-बार पेशाब जाना पड़ता है, और वह भी आधी नींद में। कमज़ोर हड्डी पर छोटी सी चोट भी भारी पड़ जाती है। सबसे आम fractures Hip, Wrist और Spine के होते हैं। 👉एक ज़रूरी बात: हर बार ऐसा नहीं होता कि गिरने से हड्डी टूटती है। कई बार हड्डी इतनी कमज़ोर होती है कि पहले टूटती है और फिर आदमी गिरता है। 👉पहले जानिए, आपके घर में कितना ख़तरा है? एक आसान सा घर का test कीजिए: 1. क्या बाथरूम का फ़र्श चिकना है? 2. क्या रात में बिस्तर से बाथरूम तक रोशनी रहती है? 3. क्या कमरे में कालीन, पायदान या तार रास्ते में पड़े हैं? 4. क्या सीढ़ियों पर railing नहीं है? 5. क्या बुज़ुर्ग घर में ढीली या फिसलने वाली चप्पल पहनते हैं? अगर तीन या उससे ज़्यादा जवाब "हाँ" हैं, तो आपका घर आज ही सुधार माँग रहा है। 👉कुछ आम गलतफ़हमियाँ "बुज़ुर्गों को ज़्यादा आराम कराओ, चलने-फिरने मत दो।" गलत। ज़्यादा आराम से हड्डी और मांसपेशियाँ और कमज़ोर होती हैं। सही सलाह है: सुरक्षित तरीके से चलते-फिरते रहें। कुछ लोग कहते हैं कि "इस उम्र में operation बहुत risky है।" ये सही नहीं है सच यह है कि hip fracture में operation टालना ज़्यादा risky है। बिस्तर पर पड़े रहने से infection, bedsore, फेफड़ों की दिक्कत और clot का ख़तरा बढ़ जाता है। जल्दी operation से मरीज़ जल्दी चलने लगता है। "थोड़ी सी चोट है, अपने आप ठीक हो जाएगी।" ये सोचकर चोट को ignore न करें बुज़ुर्गों में कई fractures, ख़ासकर कूल्हे और रीढ़ के, पहले सिर्फ़ हल्के दर्द की तरह दिखते हैं। दर्द कई दिन रहे तो जाँच करवाएँ। 👉अगर बुज़ुर्ग गिर जाएँ तो क्या करें? घबराएँ नहीं, और उन्हें मदद करें पूछें कि दर्द कहाँ है, और देखें कि वे हाथ-पैर हिला पा रहे हैं या नहीं। कमर, गर्दन या कूल्हे में तेज़ दर्द हो, या पैर टेढ़ा दिख रहा हो, तो हिलाएँ नहीं और एम्बुलेंस बुलाएँ। हाथ या पैर में सूजन हो तो उसे सहारा देकर, बिना ज़्यादा हिलाए, अस्पताल ले जाएँ। सिर पर चोट लगी हो, उल्टी हो या बेहोशी जैसा लगे, तो इसे emergency मानें। देर न करें। Hip fracture में जितनी जल्दी इलाज होता है, recovery उतनी बेहतर होती है। 👉आख़िरी बात Fracture सिर्फ़ हड्डी का टूटना नहीं है। इससे आत्मविश्वास और आज़ादी भी टूट जाती है। थोड़ी सी सावधानी, सही खान-पान, नियमित exercise और घर के छोटे बदलाव आपके माता-पिता या दादा-दादी को सालों तक चलता-फिरता और खुश रख सकते हैं। आज ही अपने घर का एक चक्कर लगाइए और देखिए कि कहाँ-कहाँ फिसलने का ख़तरा है। यह 10 मिनट का काम किसी की ज़िंदगी बचा सकता है। अपना ख़याल रखिए, और अपनों का भी।

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